సాయి వాణి :విశ్వాసం తో నన్ను నమ్ము. నిన్ను అన్ని వైపుల నుండి రక్షించేదను . నాపై నమ్మకం కలవారికి జయము కలుగును.

बाबा ने अपने अंगूठे से दूध और बालक का भूख हुआ दूर !

 

IMG-20200516-WA0007सन् 1916 में राजाराम का विवाह हेमाडपंत (दाभोलकर) की पुत्री कृष्णाबाई उपनाम सीताबाई से हुआ।

राजाराम अपनी पत्नी के साथ गिरगाँव, मुंबई आ गए। वे  कार्यालय में नौकरी करते। वे विट्ठल भगवान के भक्त थे और प्रति बार  पैदल पंढरपुर की यात्रा करते हैं!गिरगाँव उपनगर का क्षेत्र था, इसलिए परिवार दादर आकर रहने लगा। पहले बच्चे के जन्म केलिए  सीताबाई अपने माता-पिता के घर, बांद्रा आ गई। सीताबाई गर्भावस्था के नंदवायु रोग (शायद टैटनस)से ग्रस्त थी !

हेमाडपंत (दाभोलकर) को बेटी की बहुत चिंता थी। शिरडी जाकर उन्होंने बाबा की सारी स्थिति बताई। बाबा ने उन्हें आश्वासन देते हुए कहा – “बालतपन निर्विघ्न होईल” (यानि प्रसव बिना किसी कठिनाई के होगा)। बाबा ने कहा था कि सीताबाई के यहाँ उनके पुत्र का जन्म होगा। बाबा के शब्दों से आश्वासन पा कर दाभोलकर वापस घर आए और बाबा से सहायता की प्रार्थना करते रहे। उधर राजाराम सच्चे मन से विट्ठल भगवान का ध्यान कर ज्ञानेश्वर जैसे  पुत्र की कामना करते। प्रसव का समय आया, दाभोलकर उत्सुकतापूर्वक बाहर खड़े होकर प्रतीक्षा करने लगे।

13 अप्रेल 1918 को उनकी पुत्री को पुत्र-रत्न की प्राप्ति हुई। जब दाभोलकर  बच्चे को देखने कमरे में घुसे, तो वहाँ का दृश्य देख हैरान रह गए। माँ ने बालक  को कमरे के एक कोने में उपेक्षा-भाव से उपेक्षित छोड़ दिया था। वह न बच्चा को हाथ लगाती, न उसे दूध पिलाती। बच्चा शान्तिपूर्वक तृपत -अवस्था  में लेटा था। दाभोलकर बच्चे के सिर के आसपास दिव्य आभा मंडल को देख कर आश्चर्यचकित थे।

माँ बालक को पकडने से डर रही थी। उसने बालक को अपना दूध देने से भी मना कर दिया। दाभोलकर बच्चे को लेकर शिरडी आ गए !द्वारकामाई जाकर बच्चे को बाबा के चरणों में रखा। अपनी पुत्री के व्यवहार से दुःखी दाभोलकर ने सारी स्थिति बाबा को सुनाई। बाबा ने प्रेमपूर्वक बच्चे  को अपने  गोद में लिया और उसे प्यार से थपथपाया। बाबा ने अपना अंगूठा  बच्चे के मुँह में डाला। बच्चे ने जैसे ही अंगूठे को चूसा, उसमें से दुध बहने लगा। इस प्रकार बाबा ने भूखे बच्चे की क्षुधा शान्त की।

बाबा ने जिस बच्चा को दूध पिलाया उनका नाम देव बाबा है.. उनके बारे में अगले पोस्ट में जानेंगे 👍

 

Leave a Reply

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com

Discover more from Sai Sannidhi

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading

search previous next tag category expand menu location phone mail time cart zoom edit close